Friday, January 27, 2017

शून्य की अवधारणा सिखाने की गतिविधि

गणित सीखना किसी भाषा को सीखने की तरह है। जिस तरह बचपन में हम हिंदी या अपनी क्षेत्रीय भाषा को सीखते हैं, उसी तरह गणित को भी धीरे धीरे सीखा जाता है। पहले हम नंबर के बारे में जानते हैं, फिर उनका जोड़, घटाव, गुना, भाग फिर धीरे धीरे हम स्टेप बाई स्टेप आगे सीखते चले जाते हैं। कुछ बच्चों को गणित मुश्किल इसलिए लगता है कि वो इस विषय को रटने लगते हैं। गणित रटा नहीं जाता है बल्कि सीखा जाता है। बचपन में जब आप हिंदी सीख रहे थे तो क्या मम्मी, पापा, दादा, दादी रटे थे, या किसी वाक्य को रट लिए थे। जैसे कि मुझे खाना चाहिए। जब भी भूख लगे तो ये वाक्य बोलना है। नहीं, हमने सीखा था, हम इस वाक्य को कई तरीके से बोल सकते हैं। इसी तरह गणित को भी सीखने की कोशिश करिये, रटने की नहीं। पुरे गणित में कोई भी सूत्र (फार्मूला) रटना नहीं है बल्कि ये जानना है की ये सूत्र कहाँ से आया। तब हम धीरे धीरे सीखते चले जाएंगे। और गणित में मजा आने लगेगा। और सबसे इम्पोर्टेन्ट बात ये है कि इसमें वक्त लगता है। जिस तरह हिंदी सिखने में हमें कई साल लग गए थे उसी तरह गणित , हर दिन कुछ नया सीखिये। वक्त लगेगा, लेकिन एक बार आपको मजा आने लग गया तो, ……
१.अपने सभी दोस्तों को एक-एक खाली पर्ची दीजिये। अपने लिए भी एक पर्ची रखिये। हर एक को (बिना दूसरों को दिखाए) अपनी पर्ची पर एक नंबर लिखना है; कितना भी बड़ा या छोटा। इसी प्रकार अपनी पर्ची पर भी आप एक नंबर लिखिए।
२. अब हर किसी को (आपको भी) अपनी पर्ची को बंद करके एक कटोरी में डालना है।
३. अब आप ये दावा करें कि आप एक भी नंबर देखे बिना सभी पर्ची पर लिखे हुए नंबरों का गुणनफल लिखेंगे।
४. एक खाली पर्ची पर सभी नंबरों के गुणनफल लिखें और जवाब दिखाए बिना उस पर्ची को बंद करके एक जगह रख दें। इस समय जवाब किसी को नहीं दिखाना है।
५. अब आप अपने मित्रों को चुनौती दें कि वे सभी नंबरों को गुणा करके जवाब की जांच करें (ऐसा करने के लिए उन्हें एक कैलकुलेटर भी दें)।
६. जब उन्हें इस सवाल का जवाब मिल जाए तो वे मिलान करने के लिए आपकी जवाब वाली पर्ची खोल सकते हैं।
रहस्य: इस जादू का जवाब हमेशा शून्य आता है, क्योंकि आपने अपनी पर्ची पर शून्य लिखा है।
कुछ दोस्त आपको मुसीबत में डालने के लिए बहुत बड़ी  संख्या वाला नंबर लिख सकते हैं। यह जादू उन्हें शून्य का एक महत्वपूर्ण गुण सिखाएगा – 'शून्य से किसी भी संख्या को गुणा करने पर हमेशा शून्य ही आता है।'
(अगर एक से अधिक बच्चों ने अपनी पर्ची पर शून्य लिखा है, तब भी इस सवाल का जवाब शून्य ही होगा, क्योंकि शून्य से शून्य को गुणा करने पर भी शून्य ही आता है।)

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