Friday, January 20, 2017

वैदिक गणित से किसी भी 2 अंको का पहाड़ा कैसे तैयार करें

जगद्गुरू स्वामी भारती कृष्ण तीर्थ द्वारा विरचित वैदिक गणित अंकगणितीय गणना की वैकल्पिक एवं संक्षिप्त विधियों का समूह है। इसमें १६ मूल सूत्र दिये गये हैं। वैदिक गणित गणना की ऐसी पद्धति है, जिससे जटिल अंकगणितीय गणनाएं अत्यंत ही सरल, सहज व त्वरित संभव हैं। स्वामीजी ने इसका प्रणयन बीसवीं शती के आरम्भिक दिनों में किया। स्वामीजी के कथन के अनुसार वे सूत्र, जिन पर 'वैदिक गणित' नामक उनकी कृति आधारित है, अथर्ववेद के परिशिष्ट में आते हैं। परंतु विद्वानों का कथन है कि ये सूत्र अभी तक के ज्ञात अथर्ववेद के किसी परिशिष्ट में नहीं मिलते। हो सकता है कि स्वामीजी ने ये सूत्र जिस परिशिष्ट में देखे हों वह दुर्लभ हो तथा केवल स्वामीजी के ही सज्ञान में हो। वस्तुतः आज की स्थिति में स्वामीजी की 'वैदिक गणित' नामक कृति स्वयं में एक नवीन वैदिक परिशिष्ट बन गई है।वैदिक गणित का संपूर्ण पाठ्यक्रम प्रचलित गणितीय पाठ्यक्रम की तुलना में काफी कम समय में पूर्ण किया जा सकता है।छोटी उम्र के बच्चे भी सूत्रों की सहायता से प्रश्नों को मौखिक हल कर उत्तर बता सकते हैं।
वैदिक गणित से किसी भी 2 अंको का पहाड़ा तैयार करे.
उदाहरण :--
87 का पहाड़ा
पहले 8 का पहाड़ा उसके बाजू मॆ 7 का पहाड़ा लिखें.

  8            7                    87
16         14    (16+1)    174
24         21    (24+2)    261
32         28    (32+2)    348
40         35    (40+3)    435
48         42    (48+4)    522
56         49    (56+4)    609
64         56    (64+5)    696
72         63    (72+6)    783
80         70    (80+7)    870

पहले अंक के पहाड़े मॆ दूसरे अंक के पहाड़े का प्रथम अंक जोड़े ,और दूसरे अंक के पहाड़े का दूसरा अंक हूबहू रख दें.इस प्रकार आप 10 से 99 तक का पहाड़ा बना सकते है |

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